बनारस की कचौड़ी हो या आगरा का पेठा, उत्तर प्रदेश की थाली के 9 स्वादिष्ट रत्न बना देंगे आपको दीवाना

उत्तर प्रदेश, जो भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का केंद्र है, वहां के व्यंजन इसकी सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा हैं। यहां के खान-पान में सिर्फ स्वाद का जादू नहीं है, बल्कि हर डिश के पीछे एक कहानी छिपी हुई है।

इसलिए अगर आप उत्तर प्रदेश जा रहे हैं, तो आपको यहां कि कुछ वेजिटेरियन डिशेज जरूर ट्राई करनी चाहिए। आइए जानें उत्तर प्रदेश की 9 मशहूर शाकाहारी व्यंजनों के बारे में, जिन्हें खाना एक बेहद शानदार कलीनरी एक्सपीरिएंस हो सकता है।

आलू कचौड़ी-सब्जी

उत्तर प्रदेश की स्ट्रीट फूड संस्कृति की शान आलू कचौड़ी एक ऐसा नाश्ता है, जो दिल और पेट दोनों को खुश कर देता है। मैदे या आटे से बनी क्रिस्पी कचौड़ी के अंदर मसालेदार आलू की भरवां स्टफिंग होती है, जिसे अक्सर छोले या तरकारी की सब्जी के साथ परोसा जाता है। बनारस और इलाहाबाद की गलियों में इसकी खुशबू हर कोने से आपको अपनी ओर खींचेगी।

बाटी चोखा

पूर्वी उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वांचल का सबसे मशहूर व्यंजन। गेहूं के आटे की बनी बाटी को आग में सेका जाता है और घी में डुबोकर आलू, बैंगन या टमाटर के चोखे के साथ खाया जाता है। यह डिश सादगी और स्वाद का बेहतरीन संगम है।

पेठा

आगरा की शान पेठा दुनियाभर में मशहूर है। कद्दू से बनी यह मिठाई केसर और इलायची के स्वाद से सराबोर होती है। ताजमहल देखने आए पर्यटकों के लिए पेठा सौवेनिर जैसा होता है।

मालपुआ-रबड़ी

उत्तर प्रदेश के त्योहारों और खुशियों की मिठास। मालपुआ मैदा, दूध और खोया से तैयार एक तला हुआ पैनकेक है, जिसे केसर और इलायची से सुगंधित किया जाता है। गाढ़ी रबड़ी के साथ इसका स्वाद और भी लजीज हो जाता है। मथुरा-वृंदावन में मालपुआ भगवान कृष्ण को प्रसाद के रूप में भी अर्पित किया जाता है।

पेड़ा

मथुरा-वृंदावन की धार्मिक संस्कृति से जुड़ा पेड़ा खोया और चीनी से बनी नरम मिठाई है, जिसमें इलायची और केसर की खुशबू होती है।

फारा

पूर्वांचल क्षेत्र का यह स्वादिष्ट नाश्ता चावल के आटे और उबले चने की दाल से बनता है। इसे स्टीम किया जाता है और हल्के मसालों वाली चटनी के साथ परोसा जाता है। यह हल्का और पौष्टिक नाश्ता है, जो सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है।

निमोना

बनारस का यह शाकाहारी स्टू उत्तर प्रदेश की शाकाहारी संस्कृति का बेमिसाल नमूना है। हरे मटर से बना यह व्यंजन सर्दियों में खासतौर से बनाया जाता है।

तेहरी

अवध क्षेत्र की यह रंगीन और स्वादिष्ट वन-पॉट डिश चावल, हल्दी और मसालों से बनती है। इसमें आलू, गाजर, मटर जैसी सब्जियां मिलाई जाती हैं। तेहरी उत्तर प्रदेश का कम्फर्ट फूड है, जिसे अक्सर दही या चटनी के साथ खाया जाता है।

बेड़मी पूड़ी-आलू सब्जी

यह उत्तर प्रदेश के नाश्ते का अल्टीमेट कॉम्बो है। बेड़मी पूड़ी को तेल में तला जाता है और इसे मसालेदार आलू की सब्जी या छोले के साथ परोसा जाता है। यह नाश्ता न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि लंबे समय तक एनर्जी भी बनाए रखता है।

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