कलाकार जहां अपने अभिनय को निखारने के लिए मेहनत करते हैं। वहीं अपनी कला को निखारते रहना फिल्मकार भी जरूरी मानते हैं। इसके लिए उड़ान, कंट्रोल जैसी फिल्मों के निर्देशक विक्रमादित्य मोटवानी फिल्म फेस्टिवल में फिल्में देखने जरूर जाते हैं। वह कहते हैं कि मैं फिल्म फेस्टिवल का बहुत बड़ा शौकीन हूं।
मुंबई में जब फिल्म फेस्टिवल होता है, तो एक सप्ताह तक के लिए सबसे बोलता हूं कि मुझसे काम की बात मत करो। फिल्म फेस्टिवल में दुनियाभर की बेहतरीन फिल्में देखने को मिलती हैं। उसके जरिए वहां की संस्कृति, राजनीति और विचारधारा को जानने का मौका मिलता है।
इस बाबत विक्रमादित्य कहते हैं , “मेरी बेटी को लेकर दबाव झेलना आसान नहीं है। वह अभी 10 साल की हैं। वह कहती है कि मेरे लिए पिक्चर बनाओ। मैं कहता हूं, सोचना पड़ेगा। (हंसते हुए) यह मुझ पर सबसे बड़ा दबाव है। वह कहती हैं कि आपकी हर फिल्म एडल्ट फिल्म है। मैं आपकी कोई फिल्म देख ही नहीं पाती हूं। विक्रमादित्य कहते हैं कि बेटी की शिकायत सही भी है। हमारे यहां बच्चों को ध्यान में रखते हुए फिल्में नहीं बनती हैं। यहां एनीमेशन फिल्में चलती ही नहीं है।
महाअवतार नरसिम्हा हाल ही में हिट जरूर हुई है, लेकिन उस जैसी कितनी फिल्में हमारे यहां बनती हैं। यह फिल्म भी कितने लंबे अंतराल के बाद हिट हुई है। पारिवारिक फिल्में हमारी इंडस्ट्री में कम बनती हैं। इसलिए बेटी के लिए मैं फिल्म बना रहा हूं।
इन फिल्मों के डायरेक्टर हैं विक्रमादित्य मोटवानी
विक्रमादित्य मोटवानी एक डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2006 में फिल्म ‘अनडिसप्यूटेड’ से की थी। इसके बाद उन्होंने बतौर डायरेक्टर उड़ान, लुटेरा, ट्रैप्ड, भावेश जोशी सुपरहीरो, एके वर्सेज एके, इंदि ‘रा’ इमरजेंसी और अनन्या पांडे की नेटफ्लिक्स रिलीज फिल्म CTRL का निर्देशन किया था।
इसके अलावा विक्रमादित्य मोटवानी ने लुटेरा, हसीं तो फंसी, क्वीन, अगली, NH10, मसान, बॉम्बे वेलवेट, उड़ता पंजाब जैसी फिल्मों को अनुराग कश्यप और विकास बहल के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया।