Agra News: 40 हजार में जान का सौदा, अस्पताल के डस्टबिन में मिले भ्रूण से हुआ बड़े खेल का खुलासा, आठ के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

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आगरा

ताजनगरी आगरा में 40 हजार में उन बच्चियों की जान का सौदा किया जा रहा था, जो दुनिया में आई भी नहीं। लड़का है तो ठीक और लड़की है तो गर्भ में ही उनकी हत्या करा दी जाती थी। स्वास्थ्य विभाग और एसटीएम टीम ने जब अस्पताल पर छापा मारा, तो इस पूरे खेल का खुलासा हो गया। टीम को अस्पताल के डस्टबिन में भ्रूण मिला।

आगरा के थाना एत्माद्दौला पुलिस ने रविवार को भ्रूण लिंग परीक्षण के मामले में प्रिया हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजीव कुमार सहित चार को जेल भेज दिया। इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ लिंग परीक्षण करने, साक्ष्य नष्ट करने सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज हुआ है। पांच मोबाइल, दो मशीन और उपकरण भी बरामद किए गए हैं।

हरियाणा एसटीएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को ट्रांस यमुना कालोनी के फेज दो स्थित प्रिया हॉस्पिटल में भ्रूण लिंग जांच का मामला पकड़ा था। डस्टबिन में भ्रूण भी मिला था। डॉ. राजीव कुमार और एजेंट पकड़े गए थे। टीम ने एक महिला को डमी रूप में भेजा था। हरियाणा के नूह की एक महिला चिकित्सक ने बात की थी। इसके बाद एजेंट के पास भेजा था। 40 हजार में लिंग परीक्षण कराने का सौदा हुआ। टीम आगरा आई और प्रिया हॉस्पिटल में डॉक्टर और एजेंट को पकड़ लिया था।

पीसीपीएनडीटी (पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक) सेल के प्रभारी डॉ. वीरेंद्र भारती ने मुकदमा दर्ज कराया। इसमें उन्होंने बताया कि  प्रिया हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजीव कुमार, उन्नाव के गांधी नगर निवासी एजेंट नौशाद सिद्दीकी, बाईपास रोड एत्मादपुर निवासी रामकिशोर, सती नगर निवासी टेक्नीशियन राजेश कुमार, टेढ़ी बगिया निवासी नर्स सरिता, ताबड़ू निवासी डॉ. तसलीमा, डॉ. अनुराग सिंह और जैतपुर स्थित कचौरा रोड निवासी अवनीश कुमार को नामजद किया गया है।

थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यदेव शर्मा ने बताया कि शनिवार रात को आंबेडकर पुल के पास से डॉ. राजीव कुमार, राजेश, नौशाद और गर्भपात कराने वाली महिला के पति अवनीश को गिरफ्तार किया था। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस ने हॉस्पिटल के सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को भी जब्त किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

धारा 201(साक्ष्य का विलोपन करना), 315 (भ्रूण लिंग जांच, शिशु को जीवित पैदा होने से रोकना), 336(उतावलेपन का कार्य जिसमें मानव जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा का खतरा हो), 120बी (षड्यंत्र), 34, लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम, गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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