जिनेवा। भारत ने जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को पांच भारतीय मोर सौंपकर दशकों पुरानी एक परंपरा को फिर से जीवित किया है। इन पांच मोरों में सफेद पंखों वाला एक दुर्लभ नर मोर भी शामिल है। यह पहल भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव की एक अनूठी झलक पेश करती है।
भारत की ओर से सौंपे गए ये मोर फिलहाल करीब तीन महीने तक सुरक्षित बाड़े में रखे जाएंगे। इसके बाद उन्हें जिनेवा के एरियाना पार्क में स्वतंत्र रूप से घूमने की अनुमति दी जाएगी। इसी पार्क में संयुक्त राष्ट्र का यूरोपीय मुख्यालय स्थित है।
चार नीले और एक सफेद पंखों वाला नर मोर
शुक्रवार को आयोजित एक विशेष समारोह में जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने औपचारिक रूप से पांचों मोरों को यूनाइटेड नेशंस ऑफिस एट जिनेवा (UNOG) की महानिदेशक तात्याना वालोवाया को सौंपा।
भारत की ओर से दिए गए पांच युवा मोरों में चार नीले मोर और एक सफेद पंखों वाला नर मोर शामिल है। मोरों का नीला और सफेद रंग संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक रंगों से भी जुड़ता है, जिससे इस पहल का प्रतीकात्मक महत्व और बढ़ जाता है।
मोरों को पहले सुरक्षित वातावरण में रखा जाएगा, ताकि वे नए स्थान और वातावरण के अनुकूल हो सकें। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उन्हें एरियाना पार्क में छोड़ा जाएगा, जहां वे खुले वातावरण में घूम सकेंगे।
भारत की ओर से मोरों को सौंपने की यह पहल केवल एक सांस्कृतिक प्रतीक के तौर पर ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र परिसर से जुड़ी पुरानी परंपरा को दोबारा शुरू करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।







