दलितों की राजधानी में भाजपा ने जीतीं नौ सीटें, क्लीन स्वीप में सुशासन के साथ ये कारण भी बना संजीवनी

1.4kViews

आगरा
दलितों की राजधानी कहे जाने वाले आगरा की नौ सीटाें पर मुफ्त राशन भाजपा के लिए संजीवनी बना। यही कारण कि इन विधानसभा क्षेत्रों मेें बसपा के प्रत्याशी 473223 मत ही पा सके हैं।यानी 2017 के मुकाबले इस बार पार्टी के 115041 मत न केवल (20 प्रतिशत) कम हो गए वरन नौ में से आठ सीटों पर दूसरे नंबर पर रहने वाले इस पार्टी के प्रत्याशी 6 सीटों पर तीसरे नंबर पर आ गए।

खेरागढ़ विस क्षेत्र में सबसे बेकार प्रदर्शन रहा।आगरा मे गरीबों को महीने में पांच-पांच किलो गेहूं-चावल तो मिला ही बाद में दिसंबर 2021 से मार्च तक नमक, रिफाइंड और चना भी मिला। पंजीकृत श्रमिकों के खाते में एक हजार रुपये भी पहुंचे। घर बनाने के लिए 2.65 लाख रुपये, उज्ज्वला योजना के तहत निशुल्क गैस कनेक्शन-सिलिंडर ने महिलाओं का भी मन बदल दिया।

कानून व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा पर भी महिलाओं का भाजपा पर भरोसा बढ़ा। यही कारण रहा कि भाजपा को विगत चूनाव की तुलना में 48557 मत अधिक मिले।

सपा को 32755 व रालोद को 61867 मतों का लाभ मिला जबकि बसपा को 115041 व कांग्रेस को 9133 मतों का नुकसान हुआ। बसपा केवल एत्मादपुर सीट पर ही बेहतर प्रदर्शन कर सकी। आगरा छावनी बसपा का दुर्ग रहा, पर पार्टी के कार्यकर्ता डॉ. भारतेंदु अरुण तीसरे नंबर पर रहे बाह, फतेहाबाद, सीकरी, दक्षिण, खेरागढ़ में बसपा का बेहद कमजोर प्रदर्शन रहा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here