World Liver Day 2022: लिवर को मजबूत करने के लिए कौन से फल खाएं? एक्सपर्ट से जानें 7 फल, जो लिवर को बनाएंगे मजबूत

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आगरा

लिवर, जिगर कुछ भी कह लो लेकिन मेडिकल क्षेत्र में लिवर को एक विशेष नाम दिया गया है। हेल्थ विशेषज्ञ लिवर को शरीर का स्टोर रूम कहते हैं। एेसा स्टोर रूम जो अपने अंदर भाेजन को एकत्र रखता है। शरीर को चलाने का मुख्य और महत्वपूर्ण अंग लिवर ही है। आधुनिक जीवन शैली में लिवर का कैंसर, लिवर डेमेज, फैटी लिवर जैसी तमाम बीमारियों की चपेट में लोग आ रहे हैं। एेसे में ये जरूरी है कि आप अपनी डायट में एेसे फलों का सेवन करें जो शरीर को डीआक्सीफाइड तो करे ही साथ ही आपके लिवर को भी स्ट्रान्ग बनाये। आयुर्वेदाचार्य डॉ कविता गोयल के अनुसार सात विशेष फलों के नियमित सेवन से आप अपने लिवर को तंदरुस्त रख सकते हैं।

अंगूर में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। ये लिवर को अंदर से साफ करने में मदद करता है। साथ ही इसमें विटामिन सी और कुछ खास एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो कि लिवर सेल्स को हेल्दी रखते हैं और इसमें सूजन को रोकते हैं। रेगुलर थोड़ा-थोड़ा अंगूर खाने से इसका अर्क लिवर के कुछ एंजाइम्स को तेज करता है और इसके काम काज को बेहतर बनाता है।

कांटेदार नाशपाती का जूस हमेशा से ही लिवर के लिए फायदेमंद रहा है। पर इसके लिए आप कांटेदार नाशपाती को ऐसे भी खा सकते हैं। ये लिवर के कई रोगों से बचाने में आपकी मदद कर सकता है। कांटेदार नाशपाती में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं और इसके कारण लिवर में होने वाली क्षति से बचाते हैं। इसके अलावा इसका अर्क लिवर एंजाइम्स को तेज करता है और लिवर के काज को तेज करके इसको स्वस्थ बनाता है।

लिवर के लिए केला खाना बहुत फायदेमंद है। दरअसल, केला फैटी लिवर की समस्या को कम करने में मदद करता है। केले में अनसेचुरेड फैट होता है। साथ ही इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैट और ओमेगा-३ फैट भी होता है। ये हेल्दा फैट सेलुलर स्तर पर इंसुलिन को स्थानांतरित करने में मदद करते हैं। साथ ही इससे काम काज को तेज करता है और लिवर को मजबूत बनाता है।

आपने बचपन से सुना होगा कि पपीता लिवर के लिए फायदेमंद होता है। सुबह खाली पेट इसे खाने से ना सिर्फ पेट साफ होता है, कब्ज की समस्या नहीं होती बल्कि लिवर भी स्वस्थ रहता है। पपीता में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कि लिवर सेल्स में सूजन को रोकते हैं। इसके अलावा माना जाता है कि पपीते के पत्ते का रस इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करता है जो कि ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसकी एंटीऑक्सीडेंट प्रकृति गुर्दे की क्षति, फैटी लीवर जैसी डायबिटीज के कारण होने वाली जटिलताओं को कम करने में मदद करती है और ऑक्सीडेटिव तनाव को काफी कम करती है। इस तरह डायबिटीज के मरीजों में पपीता लिवर मजबूत करता है।

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