बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में गांजा तस्करी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए गांजा छिपाने का अनोखा तरीका अपनाया। आरोपियों ने वाहन की सीट के नीचे गांजा छिपा रखा था, ताकि पुलिस को इसकी भनक तक न लगे। लेकिन उनकी यह चालाकी ज्यादा देर तक काम नहीं आई। जैसे ही सामने पुलिस की टीम दिखाई दी, तस्कर वाहन छोड़कर खेतों की तरफ दौड़ने लगे।
जानकारी के अनुसार, पश्चिम चंपारण में पुलिस की ओर से संदिग्ध वाहनों और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध वाहन पर पड़ी। जब पुलिस टीम ने वाहन को रोकने का प्रयास किया तो उसमें सवार लोग घबरा गए।
बताया जा रहा है कि पुलिस को सामने देखकर तस्करों ने भागने का रास्ता चुना। वे वाहन छोड़कर आसपास के खेतों में भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा किया, लेकिन खेतों और आसपास के इलाके का फायदा उठाकर आरोपी फरार होने में कामयाब हो गए।
इसके बाद पुलिस ने वाहन की तलाशी ली। तलाशी के दौरान सीट के नीचे छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। तस्करों ने गांजे को इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में उस पर आसानी से नजर नहीं पड़ती।
घटना के बाद पुलिस ने बरामद गांजे को जब्त कर लिया और वाहन के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस जगह पहुंचाया जाना था।
पश्चिम चंपारण में सामने आई यह घटना मादक पदार्थों की तस्करी के लिए अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों को उजागर करती है। तस्कर पुलिस से बचने के लिए वाहनों में अलग-अलग जगहों पर नशीले पदार्थ छिपाते हैं। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के चलते ऐसे मामलों का खुलासा हो रहा है।
फिलहाल पुलिस फरार तस्करों की तलाश में जुटी है। साथ ही मामले के पीछे सक्रिय नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस तस्करी में कितने लोग शामिल थे और गांजे की खेप का असली नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।






