चंडीगढ़ में छठ पूजा को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर में छठ महापर्व मनाने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम ने छठ पूजा स्थलों के विकास और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने का फैसला किया है। इसके तहत छठ पूजा स्थलों के लिए निर्धारित बजट में पांच गुना तक बढ़ोतरी की गई है। इस कदम का उद्देश्य पूजा स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी से बचाना है।
छठ पूजा बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और देश के कई अन्य राज्यों में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। चंडीगढ़ में भी पूर्वांचल और बिहार से जुड़े बड़ी संख्या में परिवार इस पर्व को पारंपरिक तरीके से मनाते हैं। ऐसे में हर साल शहर के अलग-अलग इलाकों में बनाए जाने वाले छठ घाटों और पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ जुटती है।
नगर निगम की ओर से बजट में पांच गुना बढ़ोतरी किए जाने के बाद छठ पूजा स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। इसके तहत घाटों की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, रोशनी, सुरक्षा और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा सकता है। पूजा स्थलों तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त करने की आवश्यकता पर ध्यान दिया जाएगा।
छठ पूजा के दौरान व्रती महिलाएं और पुरुष कई दिनों तक कठिन नियमों का पालन करते हैं। इस पर्व में डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। खासतौर पर संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के दौरान घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। ऐसे में पूजा स्थलों पर पर्याप्त रोशनी, स्वच्छता, पानी और सुरक्षा की व्यवस्था बेहद जरूरी हो जाती है।
नगर निगम के इस बजट बढ़ोतरी के फैसले को शहर में छठ पूजा के आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पूजा समितियों और श्रद्धालुओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बजट के प्रभावी इस्तेमाल और सुविधाओं की समय पर उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नगर निगम बढ़े हुए बजट के तहत शहर के सभी प्रमुख छठ पूजा स्थलों पर किस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराता है और पर्व से पहले व्यवस्थाओं को कितना बेहतर बनाया जाता है।
चंडीगढ़ में छठ पूजा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकजुटता का भी प्रतीक है। ऐसे में नगर निगम की यह पहल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक और व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकती है।





