महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक बेहद शर्मनाक और सिस्टम को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। कीचड़ से भरी खस्ताहाल सड़क से परेशान होकर जब स्कूली छात्र-छात्राओं का सब्र टूटा और उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध जताया, तो पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे मासूम बच्चों को पुलिस ने बेरहमी से घसीटा और लात मारकर हाईवे से हटाया।
क्या है पूरा मामला? महोबा में रैपुरा कलां और बनियातला मार्ग की हालत लंबे समय से बदहाल है। स्थानीय दाल मिलों के ओवरलोडेड वाहनों और जलभराव के कारण यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुका है। स्कूली बच्चों के लिए इस रास्ते से गुजरना रोजाना का टॉर्चर बन गया था। इसी बात से नाराज होकर यूनिफॉर्म पहने दर्जनों छात्र-महत्वपूर्ण बस्ते लेकर झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर बैठ गए और सड़क निर्माण की मांग को लेकर जाम लगा दिया।
पुलिस ने पार की हदें बच्चों के हाईवे जाम करने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। समस्या का समाधान निकालने या बच्चों को प्यार से समझाने के बजाय पुलिसकर्मियों ने खाकी का खौफ दिखाना शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ बच्चों के साथ अभद्रता की, बल्कि विरोध कर रहे मासूमों को बलपूर्वक हटाते हुए लात तक मारी। बच्चों पर पुलिस की इस सख्ती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी गुस्सा है।
प्रशासन की लीपापोती और आश्वासन मामला तूल पकड़ने और हंगामे के बढ़ने पर स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने बच्चों और ग्रामीणों को किसी तरह शांत कराया और जल्द से जल्द सड़क बनवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खुला।
फिलहाल, इस घटना ने एक बार फिर से कानून-व्यवस्था और पुलिस के रवैये पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या अपनी बुनियादी जरूरतों और पढ़ाई के लिए स्कूल जाने वाले बच्चों को सड़क पर उतरने पर इस तरह की बर्बरता का सामना करना पड़ेगा?







