उत्तराखंड में मिला 100 से 150 करोड़ साल पुराना अवशेष, क्या यहां कभी था टेथिस सागर?

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की चौखुटिया स्थित तड़ागताल झील में वैज्ञानिकों को करीब 100 से 150 करोड़ साल पुराने स्ट्रोमैटोलाइट्स मिले हैं। ये प्राचीन सूक्ष्मजीवों की गतिविधियों से बने जीवाश्म माने जाते हैं। वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों के सर्वे के दौरान मिले इन अवशेषों ने उत्तराखंड के भूगर्भीय इतिहास को लेकर नई जानकारी सामने रखी है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, स्ट्रोमैटोलाइट्स सूक्ष्मजीवों की कॉलोनियों से बनने वाली परतदार चट्टानें हैं। इनके अध्ययन से पता चलता है कि इस क्षेत्र में करोड़ों साल पहले सूक्ष्मजीवों का अस्तित्व था। खास बात यह है कि इनकी उम्र टेथिस सागर के बनने से भी पहले की बताई जा रही है।

क्या उत्तराखंड में था समुद्र?

वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालय का निर्माण लगभग पांच से साढ़े पांच करोड़ साल पहले भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर के बाद हुआ। इससे पहले वर्तमान हिमालयी क्षेत्र में टेथिस सागर मौजूद था। हालांकि, तड़ागताल में मिले स्ट्रोमैटोलाइट्स उससे भी कहीं पुराने हैं।

इसलिए इन अवशेषों को सीधे टेथिस सागर का प्रमाण कहना सही नहीं होगा। बल्कि ये इस बात के संकेत हैं कि वर्तमान उत्तराखंड का भूभाग बहुत प्राचीन भूगर्भीय इतिहास से जुड़ा है और यहां हिमालय के अस्तित्व में आने से बहुत पहले जीवन मौजूद था।

स्ट्रोमैटोलाइट्स क्या होते हैं?

स्ट्रोमैटोलाइट्स को पृथ्वी पर शुरुआती जीवन के महत्वपूर्ण प्रमाणों में गिना जाता है। ये सूक्ष्मजीवों, खासकर साइनोबैक्टीरिया जैसी जीवों की कॉलोनियों की गतिविधियों से लंबे समय में बनने वाली परतदार संरचनाएं हैं।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, तड़ागताल में मिले अवशेषों की उम्र करीब 100 से 150 करोड़ वर्ष आंकी गई है। यह खोज इस क्षेत्र के प्राचीन पर्यावरण और यहां मौजूद जीवन के बारे में अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

तड़ागताल का भूगर्भीय महत्व

तड़ागताल रामगंगा घाटी के सक्रिय भूगर्भीय क्षेत्र में स्थित है। यह कुमाऊं की प्रमुख झीलों में शामिल है और मानसून के दौरान पानी से भर जाती है। वैज्ञानिकों द्वारा यहां झील के विकास और भूगर्भीय संरचना का सर्वे किया जा रहा था, इसी दौरान स्ट्रोमैटोलाइट्स की मौजूदगी सामने आई।

यह खोज हिमालय के निर्माण से पहले इस पूरे क्षेत्र की भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों को समझने में वैज्ञानिकों की मदद कर सकती है।#Uttarakhand #TethysSea #Stromatolites #Fossil #Almora #TadagtalLake #Himalayas #Geology #ScienceNews #UttarakhandNews

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