गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में सोन और कनहर नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कैचमेंट क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का असर अब सोन और कनहर नदी के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
सोनभद्र में लगातार बारिश के कारण कई जलाशयों में पानी का दबाव बढ़ा है। मंगलवार को रिहंद बांध के तीन, ओबरा बांध के चार, कनहर के 12 और नगवां के आठ फाटक खोले गए। इससे सोन और कनहर नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ा है और गढ़वा जिले के नदी किनारे तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
उत्तराखंड कम आबादी वाला राज्य है, लेकिन देश की सैन्य शक्ति में इसका योगदान उल्लेखनीय है। देश के करीब 17 प्रतिशत सैनिक उत्तराखंड से आते हैं।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने 14वीं गढ़वाल राइफल्स के स्वर्ण जयंती समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स वीरता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है और उत्तराखंड वीरों की भूमि है।
गढ़ी कैंट स्थित दून सैनिक इंस्टीट्यूट में 14वीं गढ़वाल राइफल्स एक्स-सर्विसमैन एसोसिएशन की ओर से बटालियन के 50वें स्थापना दिवस पर समारोह हुआ। मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और देश की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी।
1976 को हुई थी 14वीं गढ़वाल राइफल्स की स्थापना
उन्होंने समारोह में वीर नारी लक्ष्मी देवी, दीपा रावत, बसंती देवी, आशा देवी, चिमुड़ी देवी और दीपा देवी को सम्मानित किया गया। सेना मेडल धारक राइफलमैन कर्मेन्द्र सिंह, सूबेदार प्रेम सिंह और हवलदार खिलाफ सिंह भी सम्मानित हुए।
कई गांवों में बढ़ी बाढ़ की आशंका
नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए गढ़वा के कई निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव व्यवस्था को भी तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
सोनभद्र में खोले गए बांधों के फाटक
सोनभद्र जिले में पिछले करीब 30 घंटे से जारी तेज बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया। सोन, बेलन, बिजुल और रेणु नदियों में उफान के कारण कई स्थानों पर सड़क और आबादी वाले इलाकों में पानी पहुंचने की स्थिति बनी। रिहंद बांध का जलस्तर 872 फीट तक पहुंचने के बाद उसके तीन फाटक खोले गए।
कनहर और अन्य जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर बसे क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को सावधानी बरतने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा जा रहा है।
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में सोन और कनहर नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कैचमेंट क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का असर अब सोन और कनहर नदी के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
सोनभद्र में लगातार बारिश के कारण कई जलाशयों में पानी का दबाव बढ़ा है। मंगलवार को रिहंद बांध के तीन, ओबरा बांध के चार, कनहर के 12 और नगवां के आठ फाटक खोले गए। इससे सोन और कनहर नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ा है और गढ़वा जिले के नदी किनारे तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
कई गांवों में बढ़ी बाढ़ की आशंका
नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए गढ़वा के कई निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव व्यवस्था को भी तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
सोनभद्र में खोले गए बांधों के फाटक
सोनभद्र जिले में पिछले करीब 30 घंटे से जारी तेज बारिश के बाद कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया। सोन, बेलन, बिजुल और रेणु नदियों में उफान के कारण कई स्थानों पर सड़क और आबादी वाले इलाकों में पानी पहुंचने की स्थिति बनी। रिहंद बांध का जलस्तर 872 फीट तक पहुंचने के बाद उसके तीन फाटक खोले गए।
कनहर और अन्य जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण नीचे की ओर बसे क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को सावधानी बरतने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा जा रहा है।
मिकता नदी के जलस्तर और बांधों से छोड़े जा रहे पानी की लगातार निगरानी करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते राहत और बचाव अभियान शुरू किया
फिलहाल प्रशासन की प्राथजा सके।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। नदी, पुल, घाट और जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
सोन और कनहर के जलस्तर में आगे होने वाली वृद्धि पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता नदी के जलस्तर और बांधों से छोड़े जा रहे पानी की लगातार निगरानी करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। नदी, पुल, घाट और जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
सोन और कनहर के जलस्तर में आगे होने वाली वृद्धि पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।






