आगरा में रेलवे ने कबाड़ से ही कमा लिए करोड़ों रुपये, ऑक्‍शन में आए कई राज्‍यों से व्‍यापारी

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आगरा

आगरा रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में ई-आक्शन के माध्यम से 65,00 मीट्रिक टन का स्क्रैप (कबाड़) बेचा। इससे रेलवे को 26.9 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है। जो पिछ्ले वित्तीय वर्ष में की गई 18.98 करोड़ रुपये की बिक्री से 29 फीसद अधिक है। स्क्रैप में रेल स्लीपर, वैगन, कोच, लोको, कास्ट लोहा स्लीपर आदि शामिल थे। ई-आक्शन में उत्तर प्रदेश के साथ ही मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल आदि के व्यापारी शामिल हुए थे।

उत्तर मध्य रेलवे के आगरा रेल मंडल ने पार्सल और लगेज लदान से खूब राजस्व की प्राप्ति की है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में पार्सल ट्रैफिक जहां 16.4 मीट्रिक टन था वहीं, वित्तीय वर्ष 2021-22 में 75 फीसद बढ़कर ये 28.8 मीट्रिक टन हो गया। इससे अनुमानित राजस्व पिछले वर्ष 5.5 करोड़ रुपये की तुलना में 82 फीसद की वृद्धि के साथ इस वर्ष लगभग दस करोड़ रुपये होने की संभावना है।

अगरा रेल मंडल से पार्सल यातायात के माध्यम से आगरा के कारोबारी कलकत्ता, मुंबई आदि शहरों तक अपना माल पहुंचाते हैं। इसमें आगरा का जूता, मथुरा की पूजा सामग्री और धौलपुर से दुग्ध उत्पाद प्रमुख हैं। आपरेशन ग्रीन (टाप टू टोटल) के तहत आगरा रेल मंडल से 21 किसान रेल चलाई गईं। ये किसान रेल दक्षिणी या उत्तर-पूर्वी भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए चलाई गई थीं। रेलवे की मदद से छोटे किसानों को भी दूर की मंडियों में अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सका। रेलवे ने ट्रेनों सब्सिडी पर चलाई थीं। इस प्रयास से रेलवे ने आगरा मंडल में आलू का उत्पादन करने वाले छोटे और मझले किसानों को सप्लाई चेन से जोड़ने और उनको अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलवाने में सहयोग दिया। किसान रेलों के माध्यम से आगरा रेल मंडल में 1.37 करोड़ रुपये (सब्सिडी को छोड़कर) अर्जित किए। किसानों को 1.32 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई।

 

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