Operation Ganga: ऑपरेशन गंगा में इस्‍तेमाल सी-17 ग्लोबमास्टर, इस विमान खरीद की भूमिका बनी थी आगरा, जानिए इसकी खूबियां

735Views

आगरा
यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर का प्रयोग किया जा रहा है। ग्लोबमास्टर का ताजनगरी से अटूट रिश्ता है। वर्ष 2009 में जंबो विमान के खरीद की पटकथा लिखी गई थी। आगरा एयरफोर्स स्टेशन में भारत और अमेरिका की सेना के संयुक्त युद्धाभ्यास में इस विमान का प्रदर्शन किया गया था। फरवरी 2011 में दस विमानों की खरीद का आर्डर दिया गया। सितंबर 2013 में ग्लोबमास्टर विमान मिला। तत्कालीन रक्षामंत्री एके एंटनी ने हिंडन एयरबेस में विमान का स्वागत किया था। भारतीय वायुसेना के पास एक से बढ़कर एक विमान हैं। इसमें आइएल-76 विमान भी शामिल है। यह सोवियत रूस का विमान है। इसकी क्षमता 40 टन के आसपास है। एयरफोर्स द्वारा सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने में इस विमान का खूब प्रयोग किया जाता है लेकिन इससे अधिक क्षमता का सामान होने पर कई बार दिक्कत आती थी। वर्ष 2009 में आगरा एयरफोर्स स्टेशन में भारत और अमेरिका सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास हुआ था। इसमें सी-130 जे, एमआइ-17 हेलीकाप्टर, सी-17 ग्लोबमास्टर सहित अन्य विमानों का प्रदर्शन किया गया था। सी-19 ग्लोबमास्टर की क्षमता 80 टन वजन का सामान उठाने की है। इसकी लंबाई 53 मीटर और चौड़ाई 51.75 मीटर, ऊंचाई 16.79 मीटर है। इस विमान की अधिकतम गति 833 किमी प्रति घंटा है। विमान में क्रू मेंबर की संख्या तीन है।
सेवानिवृत्त विंग कमांडर एके सिंह का कहना है कि ताजनगरी में ही सी-17 ग्लोबमास्टर की खरीद की चर्चा हुई थी। यह जंबो विमान है जो सैन्य उपकरण सहित अन्य सामान ले जाने में पूरी तरह से क्षमता है। जरूरत पड़ने पर इस विमान से पैराट्रूपर जंप भी करते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here