आगरा के बाजार में बच्चों के लिए हेलमेट की नहीं है कमी, लेकिन खरीदते समय रखें इन बाताें का ध्यान

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आगरा
साइकिल चलाने के लिए हेलमेट, स्केटिंग के लिए हेलमेट खरीदने वाले अभिभावकों को अब दोपहिया वाहन पर आगे खड़े होने वाले चार साल के बच्चों के लिए भी हेलमेट खरीदना होगा। सड़क परिवहन मंत्रालय ने दोपहिया वाहन पर छोटे बच्चों के लिए भी हेलमेट जरूरी कर दिया है। मंत्रालय ने इसको लेकर एक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार नए नियम 15 फरवरी 2023 से लागू होंगे। इसे लेकर अभी मंत्रालय ने सुझाव मांगे हैं।वर्तमान में बच्चों के हेलमेट उपलब्ध तो हैं, लेकिन उन्हें खरीदने वाले अभिभावकों की संख्या दो से तीन फीसद ही है।
शहर में साढ़े 11 लाख वाहन हैं, जिसमें से 4.41 लाख दोपहिया वाहन हैं।

साइकिल चलाना, घुड़सवारी,बेसबाल, फुटबाल, हाकी, स्केटिंग और लैक्रोस इत्यादि के लिए हेलमेट हैं।यह सभी हेलमेट खेल का सामान बेचने वाली दुकानों पर उपलब्ध है।
शहर में बालूगंज में थोक और रिटेल की लगभग 250 दुकानें हैं, जहां से हर रोज आस-पास के गांवों और शहरों में हेलमेट दुकानदार हेलमेट खरीद कर ले जाते हैं। इसके अलावा दिल्ली गेट पर भी दुकानें हैं।आगरा में दिल्ली से हेलमेट आते हैं। यहां रिटेल का हर रोज का पांच और थोक का 10 लाख का कारोबार है।

खेल उपकरणों के निर्माता मानकीकृत मानदंडों पर हेलमेट का उत्पादन करते हैं।एस – लगभग 45-50 सेमी के सिर परिधि वाले बच्चों के लिए उपयुक्त होता है।एम – जिन बच्चों के सिर की परिधि 50 और 55 सेमी के बीच है।स्ट्रेप्स सुरक्षित और उपयोग करने लायक होने चाहिए।वेंटीलेशन की सुविधा होनी चाहिए।

– फूल फेस हेलमेट-यह सामने से लेकर पीछे तक पूरे सिर को ढकता है।अन्य हेलमेटों के मुकाबले में सबसे सुरक्षित होते है।

– ओपन फेस हेलमेट- यह सिर्फ सिर को ढकता है तथा चालक के चेहरे को बिना कोई सुरक्षा के खुला छोड़ देता है। इस हेलमेट में देखने में आसानी होती है तथा चलाने के समय हवा आसानी से पास हो जाती है।

– माड्यूलट हेलमेट- यह दोनों की तरह काम करता है, सिर्फ एक बटन दबाने से ही यह फ्लिप होकर फूल या ओपन हेलमेट बन सकता है।

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