जाट बेल्‍ट में भी राष्‍ट्रीय लोकदल के लिए कम नहीं है चुनौती, बदल गए हैं समीकरण

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आगरा

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के लिए आगरा से लखनऊ की राह इतनी आसान नहीं है। 2002 के विधानसभा चुनाव के बाद से रालोद प्रत्याशी अब तक जीत का स्वाद नहीं चख सके हैं। फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट पर चुनाव-दर-चुनाव वोट प्रतिशत भी गिरता जा रहा है।

रालोद के लिए फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट प्राथमिकता वाली रही है। खेरागढ़ और एत्मादपुर से भी पार्टी का लगाव रहा है। रालोद इस विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के गठबंधन के साथ चुनावी मैदान में उतरी है। फतेहपुर सीकरी, खेरागढ़ और आगरा ग्रामीण सीट पार्टी के खाते में आई हैं। शेष छह पर सपा के प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। वर्ष 2002 के चुनाव में दो सीटों पर रालोद प्रत्याशी चुनाव जीते थे। इसके बाद से जीत तो दूर, पार्टी का वोट प्रतिशत भी गिरता जा रहा है। ऐसे में पार्टी प्रत्याशियों के सामने कड़ी चुनौती है।

 

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