भूना। किसानों को मित्र कीटों को बचाने के लिए पराली जलाने से दूरी बनानी होगी। प्राकृतिक खेती अपनाकर खाने की थाली से जहर हटाना होगा। यह बात एचएयू हिसार के विस्तार शिक्षा निदेशक बलवान सिंह मंडल ने सोमवार को गांव धोलू के बाबा रामदेव मंदिर प्रांगण में आयोजित जिलास्तरीय किसान मेले में कही।
उन्होंने कहा कि फसलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्राकृतिक तकनीकों को अपनाना जरूरी है। कृषि अवशेषों को जलाने के बजाय गलाने से अधिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को अपनाकर ही भोजन को सुरक्षित बनाया जा सकता है। पहले किसान अपने खाने के लिए सब्जियां उगाते समय रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करते थे। अब हर गांव में इस मुहिम को आगे बढ़ाना होगा।
उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन को लेकर सरकार व्यापक स्तर पर अभियान चला रही है। इसका असर भी दिख रहा है। पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है। इस मौके पर दस प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। किसानों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई। कार्यक्रम में करीब 500 किसानों ने पंजीकरण करवाया है।
इस अवसर पर कृषि विकास अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. सोहनलाल, डॉ. सुरेश यादव, डॉ. नीरज, डॉ. कुलदीप सिंह, सरपंच प्रतिनिधि रामकिशन, पूर्व सरपंच राधेश्याम, डॉ. रण सिंह रणवां, रामकिशन गेदर, हरि सिंह गोदारा, निहाल सिंह आर्य, रामकुमार धारनिया, कृष्ण आजाद, हंसराज, सुरेंद्र सिंह, नरेश कुमार, हवा सिंह स