पिता ने छोड़ा बेसहारा, भूखे पेट गुजारी रात…, ये डायरेक्टर न होता तो कभी सुपरस्टार नहीं बन पाते अमिताभ बच्चन

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नई दिल्ली

जब भी बात बॉलीवुड के बेस्ट डायरेक्टर्स की होगी, तब प्रकाश मेहरा (Prakash Mehra) का नाम जरूर शामिल लिया जाएगा। करियर में कम डायरेक्टर्स हैं, जो रिस्क लेते हैं। मगर प्रकाश मेहरा की बात ही निराली है। उन्होंने 70 के दशक में एक ऐसे फ्लॉप एक्टर को अपनी फिल्म में कास्ट किया, जिसे लेने से हर किसी ने उन्हें मना किया था। मगर उनके जिद्द ने एक फ्लॉप एक्टर को सुपरस्टार बना दिया।

13 जुलाई 1939 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर में जन्मे प्रकाश मेहरा का फिल्मी दुनिया में नाम कमाने का कोई इरादा नहीं था। वह तो इंडस्ट्री में एक सिंगर बनने के लिए आना चाहते थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। IMDb के मुताबिक, प्रकाश सिर्फ 5 साल के थे, जब उनकी मां का निधन हो गया था। फिर पिता ने भी उन्हें बेसहारा छोड़ दिया। तब 13 रुपये लेकर अभिनेता मुंबई भाग आये।

बिना किसी गॉडफादर के मुंबई तो आ गये, लेकिन गुजारा करना आसान नहीं रहे भूखे पेट स्टेशन पर सोये, छोटे-मोटे काम कर गुजारा किया। फिर जैसे-तैसे सिनेमा में आये और सितारों को चाय-पानी परोसने जैसे छोटे-मोटे काम किये। वह काबिलियत और किस्मत के धनी थे, तभी तो सितारों को चाय परोसते-परोसते वह पहले प्रोडक्शन कंट्रोलर बने और फिर डायरेक्टर को असिस्ट करने लगे।

धीरे-धीरे प्रकाश मेहरा की गाड़ी आगे बढ़ती गई और झोली में पहली मूवी आई, जिसका नाम ‘हसीना मान जाएगी‘ (1968) है। शशि कपूर और बबीता की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट हो गई और बतौर निर्देशक प्रकाश मेहरा छा गये। फिर उन्होंने 1971 में फिल्म ‘मेला‘ और 1972 में ‘समधी‘ बनाई। ये फिल्में भी जबरदस्त तरीके से सफल रहीं। मात्र पांच सालों में प्रकाश मेहरा सिनेमा के बेहतरीन निर्देशकों में शुमार हो गये।

फिर आई ‘जंजीर‘ की बारी, जो न सिर्फ प्रकाश मेहरा के करियर में मील का पत्थर रही बल्कि इसने अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की किस्मत भी चमका दी थी। यह उनके प्रोडक्शन हाउस में बनी पहली फिल्म थी। हालांकि, शायद ही आपको पता हो कि पहले प्रकाश मेहरा ‘जंजीर’ में धर्मेंद्र को कास्ट करना चाहते थे। मगर डेट इश्यू की वजह से ही-मैन यह नहीं कर पाये।

एक रोज दिग्गज अभिनेता प्राण का निर्देशक के पास कॉल आता है। प्राण ने ही प्रकाश मेहरा को अमिताभ बच्चन का नाम सुझाया। उस वक्त अमिताभ के सितारे गर्दिश में चल रहे थे। एक के बाद एक फिल्में फ्लॉप हो रही थीं और उन पर फ्लॉप एक्टर का ठप्पा भी लग गया था। प्रकाश मेहरा के लिए अमिताभ को कास्ट करना रिस्की था, क्योंकि अभिनेता उस वक्त बड़े स्टार नहीं थे, ऐसे में घर और बीवी के गहने गिरवी रखकर फिल्म बना रहे प्रकाश के लिए फैसला मुश्किल था लेकिन वह पीछे नहीं हटे।

जब डिस्ट्रीब्यूटर्स को पता चला कि फिल्म में अमिताभ बच्चन को कास्ट किया जा रहे है तो उन्होंने अपने कदम पीछे कर लिये। सिनेमा से जुड़े कई हस्तियों ने प्रकाश मेहरा को बिग बी को न कास्ट करने की सलाह दी। लोगों ने उन्हें ताने भी दिये। मगर वह पीछे नहीं हटे और कैसे भी करके फिल्म की शूटिंग स्टार्ट की। शुरू में लगा कि मूवी नहीं चलेगी, लेकिन जब आई तब इतिहास रच दिया। इस फिल्म के बाद अमिताभ बच्चन छा गये।

‘लावारिस’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘नमक हलाल’, ‘हेरा फेरी’ जैसी फिल्मों का निर्देशन करने वाले प्रकाश मेहरा का 17 मई 2009 को निमोनिया और मल्टीपल ऑर्गन फेलर की वजह से निधन हो गया था।

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