रहम करो सरकार, आगरा की गर्मी और उमस में गश खाकर गिरे सरकारी स्कूल में बच्चे

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आगरा

माना कि यहां 15 मई तक हर साल कक्षाएं संचालित की जाती हैं लेकिन पिछले सालों में इस बार जैसी गर्मी भी नहीं पड़ी। इस साल तो मार्च में ही पारा 42 डिग्री के पार पहुंच गया था। हालात ये हैं कि दोपहर 12 बजे छुट्टी होने पर लाल और बुझे हुए चेहरे लेकर बच्चे घर लौट रहे हैं। लगातार बढ़ती गर्मी और उमस के बीच वक्त-बे-वक्त होती विद्युत कटौती भी परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों पर भारी पड़ने लगी है। सोमवार को सैंया ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय विसैरा में विद्युतापूर्ति प्रभावित होने से कई विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई, एक छात्र बेहोश भी हो गया।

प्रधानाध्यापक राकेश कुमार ने बताया कि सोमवार को गर्मी और उमस थोड़ी ज्यादा थी, साथ ही क्षेत्र में सुबह से विद्युत कटौती चल रही थी। इस कारण प्रार्थना करते समय दो विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई, जिनके अभिभावकों को बुलाकर प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वहीं कक्षाएं शुरू हुई, तो कक्षा पांचवीं के छात्र करण और अरुण की तबीयत खराब हो गई। करण बेहोश हो गया, जबकि अरुण को उल्टियां हो गई। वहीं कक्षा द्वितीय के छात्र गौरव की भी तबीयत बिगड़ गई। सभी को प्राथमिक उपचार देने के बाद अभिभावकों को बुलाकर घर भेज दिया गया।

प्रधानाध्यापक का कहना था कि क्षेत्र में सुबह के वक्त होने वाली विद्युत कटौती के कारण कक्षा में अंधेरा रहता है, खुले में पढ़ा नहीं सकते क्योंकि धूप होती है। विद्यालय में पंजीकृत 120 में 98 सोमवार को उपस्थित थे। ऐसे में उन्हें छांव में बैठाकर पढ़ाना मुश्किल हो जाता है।

 

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री ने गर्मी में विद्यार्थियों की तबीयत बिगडऩे के मामलों को गंभीरता से लिया है। उनका कहना है कि सुबह से दोपहर तक कक्षाएं लगती हैं। विद्युतापूर्ति ठप होने से विद्यार्थी और शिक्षक दोनों प्रभावित होते हैं। ऐसे में विभाग शिक्षकों को अनुमति दे कि वह किसी मद में से फंड लेकर विद्यालय में इन्वर्टर की व्यवस्था करे, ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो और विद्यार्थी भी स्वस्थ रहें।

 

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