राहु के दुष्प्रभाव को करना है कम तो पहनें गोमेद रत्न, जानें इसके 8 चमत्कारी फायदे

- Advertisement -

आगरा

राशिरत्नों को सौरमंडल में मौजूद ग्रहों का अंश माना जाता है। मान्यता है कि विशेष प्रकार के पत्थर ग्रहों की चाल के अनुकूल आपके भाग्य का साथ देते हैं। ज्योतिषशास्त्र में गोमेद रत्न का विशेष महत्व बताया गया है। गोमेद को राहु का रत्न माना जाता है। ज्योतिषाचार्य डॉ शोनू मेहरोत्रा के अनुसार, गोमेद रत्न धारण करने से राहु की स्थिति मजबूत होती है। यदि किसी जातक की कुंडली में राहु की दशा खराब हो तो इसका दुष्प्रभाव कम करने के लिए गोमेद रत्न धारण करना चाहिए। ध्यान रखें कि गोमेद धारण करने से पहले ज्योतिषीय परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

1- यदि जातक की कुंडली के केंद्र यानी कुंडली के 1,4,7 या 10 वें भाव में राहु विराजमान हो तो गोमेद धारण करने से लाभ होता है।

2- यदि राहु राशि के छठवें और आठवें भाव या लग्न में स्थित हो तो गोमेद धारण करना चाहिए।

3- अगर राहु शुभ भावों का स्‍वामी हो और खुद किसी कुंडली के छठे या आठवें भाव में स्थित हो तो ऐसे लोगों का भी गोमेद धारण करना लाभदायक होता है

4- यदि कोई व्यक्ति वकालत, न्‍याय और राजनीति के क्षेत्र में कार्य कर रहा है तथा उसमें और बेहतर करना चाहता है तो उसे गोमेद रत्न धारण करना चाहिए।

5- यदि किसी जातक की राशि या लग्‍न मिथुन, तुला, कुंभ या वृष हो, उनके लिए गोमेद रत्न धारण करना शुभ होता है।

6- यदि किसी जातक की कुंडली में राहु अपनी नीच राशि यानी धनु में हो तो ऐसे में गोमेद रत्न धारण करना काफी लाभकारी माना जाता है

7- ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मकर राशि का स्‍वामी राहु को बताया जाता है इसलिए मकर राशि वाले लोगों के लिए भी गोमेद धारण करना शुभ माना जाता है।

8- यदि किसी जातक की कंडली में शुक्र, बुध के साथ राहु की युति हो रही हो तो जातक को गोमेद धारण करना चाहिए।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here